दुनिया में बनाई पहचान, समाजजनों ने रैली निकालकर किया जोरदार स्वागत। देवास: ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है पर्याप्त अवसर मिलने पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते है ग्रामीण बच्चे। असम में संपन्न हुई चौथी एशियाई खो खो चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने फाइनल में नेपाल को 6 अंकों और एक पारी से हराकर गोल्ड मेडल खिताब जीता। भारतीय खो-खो टीम में देवास जिले से 110 किमी दूर उदयनगर तहसील अंतर्गत आदिवासी बहुल जंगलों में स्थित ग्राम कटुक्या के सचिन भार्गव भी शामिल थे। पुरे विश्व में खो- खो खेल में स्काई डाइन मारने वाले सचिन पहले खिलाड़ी हैं।गोल्ड मेडल जीतकर वापस अपने गांव पहुंचे सचिन का क्षेत्रवासियों ने जोरदार स्वागत किया।रैली उदयनगर चौक से बिरसा मुंडा फाटा होकर सचिन के गांव कटुक्या पहुंची जहां पर समस्त ग्रामवासियों तथा आदिवासी समाजजनों ने जोरदार स्वागत किया। सचिन की यह उपलब्धी क्षेत्र के बच्चों के लिए प्रेरणादायक है। सचिन भार्गव ने कहा - देश की लिए खेलकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है...
मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ ने दी प्रदेश स्तरीय आंदोलन की चेतावनी देवास। पश्चिम क्षेत्र बिजली कर्मचारी महासंघ के महामंत्री भगवान स्वरूप श्रीवास्तव द्वारा अवगत करवाया गया कि आज ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के नाम महासंघ द्वारा मध्य प्रदेश के विद्युत कर्मियों की समस्याओं का निराकरण न होने के कारण प्रदेश स्तरीय आंदोलन की सूचना वृत्त देवास के कार्यपालन यंत्री श्री गौरव संतोषी को दी गई। बिजली कर्मियों की लंबित मांगों का निराकरण न होने पर महासंघ द्वारा प्रदेश व्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया गया है।महासंघ के प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार पाण्डेय द्वारा ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को इस संबंध में एक औपचारिक सूचना पत्र भेजा गया है। महासंघ का आरोप है कि विभिन्न स्तरों पर बार-बार चर्चा और ज्ञापनों के बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। महासंघ द्वारा पूर्व में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण,अनुकंपा नियुक्तियों में विसंगति के अतिरिक्त अन्य मांगे रखी गई थी।महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं ...
महात्मा गांधी के सहयोगी जंगल सत्याग्रह के नायक स्वतंत्रता सेनानी गंजनसिंह कोरकू की जयंती मनाई देवास । अर्जुन नगर देवास में वीर रेंगा कोरकू समाज सेवा समिति के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज देवास के समाजजनों की गरिमामय उपस्थिति में स्वतंत्रता सेनानी गंजनसिंह कोरकू की जयंती मनाई गई। सर्वप्रथम वरिष्ठजनों द्वारा गंजन सिंह की तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया तत्पश्चात वैचारिक संगोष्ठी में सभी बौद्धिक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सामाजिक कार्यकर्ता राकेश देवडेघ् बिरसावादी ने कहा महात्मा गांधी के सहयोगी स्वतंत्रता सेनानी गंजनसिंह कोरकू का जन्म ग्राम बंजारी ढाल तहसील घोड़ा डोंगरी जिला बैतूल में 03 अगस्त 1902 को हुआ था।उन्होंने ब्रिटिश सरकार के वन कानून का विरोध करने के लिए गोंड भील भिलाला कोरकू आदिवासियों के साथ मिलकर 22 अगस्त 1930 को जंगल सत्याग्रह का नेतृत्व किया था तथा वर्ष 1942 में विष्णु सिंह उइके के साथ मिलकर भारत छोड़ो आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गंजन सिंह सम्मोहन विद्या का जानकार था, वह अपने साथ थैली में चिरोठे के काले बीज रखा करते थे अंग्रेजी पु...
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