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खोलगांव की तीन बेटियां बनी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, परिवार तथा समाज में हर्ष।

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  "कहते हैं 'मेहनत वह चाबी होती है जिससे किस्मत के द्वार खोले जा सकते हैं' उक्त पंक्ति को चरितार्थ कर दिखाया छोटे से गांव खोलगांव की तीन बेटियों ने।सुभद्रा ग्यारसीलाल मुजाल्दे,गंगा बच्चू सिंह मोरे तथा अर्चना धीरू अवासे ने। तीनों का चयन ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर हुआ है।बेटियों की इस शानदार सफलता पर परिवार,समाज तथा गांव में खुशी का माहौल है।" मेहनत        :राकेश देवडे़  https://www.facebook.com/rakesh.dewade?mibextid=kFxxJD

बेटियों के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे - जयस बिरसा ब्रिगेड

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बेटियों के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे - जयस बिरसा ब्रिगेड आदिवासी छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने वाले शिक्षकों की तत्काल गिरफ्तारी हेतु जयस बिरसा ब्रिगेड ने एसडीओपी भार्गव को सौंपा ग्यापन। देवास: आज जयस बिरसा ब्रिगेड बागली द्वारा छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षकों को तत्काल गिरफ्तार करने हेतु एसडीओपी कार्यालय बागली पहुंचकर एसडीओपी सृष्टि भार्गव को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि एक तरफ मध्य प्रदेश के मान. मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव सरकार बहन बेटियों की सुरक्षा के लिए लाम बंद है वहीं दूसरी और उन्हीं की सरकार मे कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर शिक्षा के मंदिर में खुलेआम छेड़छाड़ की घटनाएं घटित हो रही है ।नगर परिषद बागली के सीएम राइज स्कूल के दो शिक्षको द्वारा विगत कई दिनों से स्कूल में पढ़ने वाली आदिवासी छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की जा रही थी,लड़की को डराया धमकाया गया जिससे वह शिकायत नहीं कर पाई थी। हिम्मत करके उसने उक्त घटना को अंजाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ थाने में कल पास्को एक्ट में एफआईआर दर्ज करवाई।श्रीमान जी,इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि ...

तिलका मांझी

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जय जोहार जय बिरसा..... "भारत में ब्रिटिश सत्ता को चुनौती देने वाले पहाड़ियां समुदाय के वीर (आदिवासी योद्धा) #जबरा_पहाड़ियां उर्फ #तिलका_मांझी की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन 💐💐🙏🏼🙏🏼 बैरकपुर में उठी हुंकार के साथ ही देशभर में क्रांति की आग फैल गई. 1857 को अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ पहला विद्रोह कहा जाता है. इतिहास की कई किताबों में ये फ़र्स्ट रिवॉल्ट ऑफ़ इन्डिपेंडेंस के नाम से दर्ज है. ग़ौरतलब है कि इससे पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में क्रांति की ज्वालायें भड़की थी और कई आज़ादी के मतवालों ने विद्रोह का बिगुल बजाया था. दुख की बात है कि इनके बारे में हमें बहुत कम जानकारी है. ऐसे ही एक वीर सपूत थे, तिलका मांझी. कौन थे तिलका मांझी? यूं पड़ा नाम तिलका जंगल और प्रकृति के प्रति ममता बंगाल की ज़मीनदारी प्रथा अंग्रेज़ों ने हथिया लिया जंगल महल क्षेत्र लोगों को इकट्ठा कर प्रेरित करना शुरू किया बंगाल में पड़ा भीषण सूखा तिलका मांझी ने लूटा अंग्रेज़ों का खज़ाना पंजाब रेजिमेंट पर हमला धूर्त अंग्रेज़ Cleveland को किया गया तैनात साल के पत्तों पर भेजे संदेश भागलपुर पर हमला ज़हरीली तीर से ...

09 जनवरी 1900 बिरसा मुंडा दादा द्वारा उलगुलान में गाया गया मुंडारी गीत

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जय जोहार ..जय बिरसा  "09 जनवरी 1900 को हुए आदिवासी विद्रोह 'उलगुलान'के दौरान बिरसा मुंडा द्वारा मुंडारी भाषा में एक क्रांतिकारी गीत गाया गया था जिसका हिंदी अनुवाद सुरेश सिंह द्वारा किया गया था जो इस प्रकार है :-  " विशाल नदी में बाढ़ आई है,  आसमान में धूल भरी आंधी उमड़ घुमड़ रही है,  ओ मैना चली जा,  चली जा।  जंगल में आग और धुआं जोरों से उठ रहा है, ओ मैना चली जा चली जा,  तुम्हारे मां -बाबा बरसाती तूफान में असहाय बहे जा रहे हैं,  ओ मैना चली जा, चली जा। "                      : राकेश देवडे़ बिरसावादी