भारतीय खो-खो टीम में शामिल क्षेत्र के खिलाड़ी सचिन भार्गव ने चौथे एशियन खो-खो चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर मध्यप्रदेश का नाम किया रोशन


 दुनिया में बनाई पहचान, समाजजनों ने रैली निकालकर किया जोरदार स्वागत।                देवास: ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है पर्याप्त अवसर मिलने पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते है ग्रामीण बच्चे।असम में संपन्न हुई चौथी एशियाई खो खो चैंपियनशिप में भारतीय टीम ने फाइनल में नेपाल को 6 अंकों और एक पारी से हराकर गोल्ड मेडल खिताब जीता। भारतीय खो-खो टीम में देवास जिले से 110 किमी दूर उदयनगर तहसील अंतर्गत आदिवासी बहुल जंगलों में स्थित ग्राम कटुक्या के सचिन भार्गव भी शामिल थे। पुरे विश्व में खो- खो खेल में स्काई डाइन मारने वाले सचिन पहले खिलाड़ी हैं।गोल्ड मेडल जीतकर वापस अपने गांव पहुंचे सचिन का क्षेत्रवासियों ने जोरदार स्वागत किया।रैली उदयनगर चौक से बिरसा मुंडा फाटा होकर सचिन के गांव कटुक्या पहुंची जहां पर समस्त ग्रामवासियों तथा आदिवासी समाजजनों ने जोरदार स्वागत किया। सचिन की यह उपलब्धी क्षेत्र के बच्चों के लिए प्रेरणादायक है। सचिन भार्गव ने कहा - देश की लिए खेलकर मुझे गर्व महसूस हो रहा है, मैंने 2008 से खो-खो खेलना शुरू किया था ,अभी तक 32 राष्ट्रीय खो-खो प्रतियोगिता में भाग ले चुका हूं। इस उपलब्धि का पूरा श्रेय मेरे मजदूर माता-पिता,गुरु तथा मेरे मार्गदर्शक कोच प्रवीण सांगते को देता हूं। स्वागत समारोह में भेरूसिंह भार्गव,दिलीप भार्गव,दयाराम ठाकुर, राकेश अचाले, अनिल बरला, राकेश देवडे़ सहित जयस बिरसा ब्रिगेड युवा तथा आदिवासी समाजजन उपस्थित थे।                     
  
✍️                           
 राकेश देवडे़  बिरसावादी     
9617638602

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