विदेशी शरणार्थियों ने आतंक मचा रखा है,हो सके तो लौट आ बिरसा.....
हसदेव अरण्य बचाओ
जय जोहार ........
यदि कांग्रेस सरकार आदिवासी हितेषी होती तो राहुल गांधी छत्तीसगढ़ के फेफड़े कहे जाने वाले (1876, वर्ग किलोमीटर जो दिल्ली के क्षेत्रफल से बड़ा इलाका है)हंसदेव वनों की कटाई रोकने के लिए यात्रा निकालते? ना कि अन्य कोई यात्रा? यदि बीजेपी आदिवासी हितेषी होती तो केन्द्र सरकार में काबिज बीजेपी तत्काल वनों की कटाई पर प्रतिबंध लगा देती । यदि देश का अन्य कोई राजनीतिक दल आदिवासी हितेषी होता तो विधानसभा लोकसभा में इस मुद्दे पर बात होती पर क्यों कोई भी अपना मुंह खोलने के लिए तैयार नहीं है।दिसंबर 2011 में केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय और कोयला मंत्रालय के साझे अध्ययन से जुड़ी एक रिपोर्ट जारी हुई, जिसमें हसदेव अरण्य में पड़ने वाले 23 कोयला ब्लॉक नो गो जोन के तौर घोषित कर दिया गया था. नो गो को जोन का मतलब यह कि यह पूरा इलाका घने वनों, जैव विविधता, जल स्रोत यानी दुर्लभ वन प्रजातियों के लिहाज़ से भी बहुत महत्वपूर्ण है. इस इलाके को कोयला खनन की इजाजत नहीं होगी. यानी स्पष्ट तौर पर हसदेव की जमीन के भीतर सोये कोयला को निकालने के लिए जंगलों को नहीं काटा जा सकता था. हसदेव के जंगलों में प्रकृति रक्षक आदिवासियों के साथ वहां विचरण करने वाले जंगली जानवर पशु पक्षियों की चीख-पुकार अन्ततः धरती के विनाश का संकेत है।पुरखों द्वारा संरक्षित जल जंगल जमीन को हमारी नजर के सामने दो कौड़ी के विदेशी व्यापारी अडाणी द्वारा काटा जा रहा है, संपूर्ण भारत का आदिवासी समाज चुपचाप देख रहा है।मुझे तो यह लगता है देश के आदिवासियों की विद्रोही विचारधारा का पतन हो चुका है। विद्रोह के लिए ज़मीर जिंदा होना बेहद जरूरी है। पर्यावरणविद् पहले ही कह चुके हैं पर्यावरण को बचाने के लिए आदिवासी समाज की जीवन-शैली अपनाना होगा लेकिन यहां इसके उल्टा हो रहा है।पुरे देश के आदिवासियों को एकजुट होकर इसका विरोध किया जाना चाहिए।कभी कभी लगता है मणिपुर में आदिवासी समाज की बहन बेटियों का शोषण और लाशों के ढेर को देखकर जिसके चेहरे पर सीकन तक नहीं आई , छत्तीसगढ़ के पेड़ों को कटता हुआ देखकर उन्हें क्या दर्द होगा ? हो सके तो लौट आ बिरसा ? जंगल कट रहा है, महिलाओं का बलात्कार हो रहा है, आदिवासियों से जबरजस्ती जमीन छीनी जा रही है , विदेशी शरणार्थियों ने आतंक मचा रखा है,हो सके तो लौट आ बिरसा ।"
: राकेश देवडे़ बिरसावादी
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