भाईचारा सौहार्द व एकता की मिसाल पेश करती भीमसी की 100 साल पुरानी परंपरा
"भाईचारा, सौहार्द व एकता की मिसाल पेश करती हमारे गांव की 100 साल पुरानी कबीलाई परंपरा"
जय जोहार सगाजनों,
हमारे गृह गांव भीमसी तहसील देवास जिला देवास में आज से लगभग 100 साल पुरानी पुरखों तथा बुजुर्गो द्वारा चलाई जा रही परंपरा को वर्तमान पीढ़ी ने संजोकर रखा है, और आज भी उसका निर्वहन कर रहे हैं। बोवनी से पूर्व अच्छी बारिश की कामना व अच्छी फसल पकने तथा पूरे वर्ष भर गांव में कोई बीमारी ना आए, कोई अशुभ काम ना हो, सभी सुखी रहे, सभी की एकता कायम रहे, आपस में भाईचारा व सौहार्द बना रहे, इसी की प्राकृतिक कामना के लिए गांव में स्थित गांव की देवी "मरीमाता" को बकरे की बलि दी जाती है।यही परंपरा का निर्वहन आज भी किया गया। तत्पश्चात प्रसाद स्वरूप कबीलाई व्यवस्था अनुसार घरों के अनुसार हिस्से करके सभी को प्रसादी बांटी गई।पुराने डहालो द्वारा बताया गया यह परंपरा जीवन पर्यंत चलती रहेगी। मुझे मेरे गांव की इस परंपरा पर गर्व है।"
✍️अनिल बरला,जयस नगर अध्यक्ष,
जयस बिरसा ब्रिगेड देवास
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