पुराने गिले-शिकवे मिटाकर जयस युवा हुए एकजुट

जयस......... एकता जिंदाबाद ✊
जय जोहार जय आदिवासी आपकी जय 
जय जयस 
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धरती आबा बिरसा मुंडा  ने कहा था -   "मैं खून के रिश्तो को नहीं मानता हूं, मैं वैचारिक रिश्तो को मानता हूं। मैं खून के रिश्तो को बचाने के लिए वैचारिक रिश्तो का उपयोग करता हूं।"
 सगाजनो, दुनिया में कोई भी ऐसी समस्या नहीं है जिसका हल नहीं हो, इसी बात को कल 29 अप्रैल 2023 को जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने चरितार्थ करके दिखा दिया। "आमु आखा एक छै' इस पंक्ति को सच साबित कर दिया। धामनोद के एबी रोड पर स्थित पलाश होटल में जयस युवाओं की बैठक संपन्न हुई। लगातार 7 घंटे बैठक चलने के बाद सकारात्मक परिणाम मिला। विगत 3 महीने से जयस युवाओं को एकजुट करने के लिए सोशल मीडिया फेसबुक /व्हाट्सएप पर जयस के क्रांतिकारी युवाओं द्वारा सकारात्मक कैंपेन चलाया गया था।मिट्टी से, मिट्टी पर, और फिर मिट्टी में...फिर घमंड किस बात का?
पूरे देश के आदिवासी समुदाय जयस युवाओं को एकजुट देखना चाहता था, वह सच साबित हुआ। पूरखाई शक्तियों ने ऐसी अदृश्य शक्ति प्रदान की जिससे पुराने कई सालों के गिले-शिकवे मिटाकर जयस युवा एक दूसरे के गले मिले।https://twitter.com/AcBirsawadi/status/1652545896121499649?t=mZ15Ze_qv0kFGaPOS6e2DQ&s=19
बैठक की शुरुआत में राजस्थान आदिवासी परिवार के क्रांतिकारी योद्धा जगदीश पांडोर जी को याद करते हुए दो मिनट का मौन धारण कर "अंतिम जोहार" स्वरूप श्रद्धांजलि अर्पित की। 
बैठक के महत्वपूर्ण मुद्दे :
1. जयस के वरिष्ठ संस्थापक सदस्यों के बीच मतभेद समाप्त कर एकजुट करना।
2. जयस कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों द्वारा सोशल मिडिया की टिकट टिप्पणियों पर तत्काल रोक लगाना। औऱ भविष्य मे ऐसी कोई अनुशासनहीनता न करेंगे ,न करने देंगे जिससे जयस या किसी भी सामाजिक साथी  की छवि धूमिल हो।
3. जयस नाम की जितनी फेसबुक आईडी है सबको वेरीफाई करना, नाम के आगे पीछे jays लिखें कार्यकर्त्ताओ की पहचान कर उन्हें अनुशासन सिखाना न की एक दूसरे के ऊपर टिका टिप्पणी करना। यदि कोई इस प्रकार का कृत्य करता है तो jays अनुशासन कमिटी वो किसका फॉलोवर है देखकर उससे बात कर समझाईश देगी न मानने पर सबंधित पदाधिकारी को पद मुक्त किया जा सकता है।
4. Jays के नाम पर या jays पदाधिकारी यदि चुनाव लड़ते है तो 2 माह पहले स्पष्ट कर पद से सार्वजनिक स्तीफा देंगे,औऱ फिर जहाँ जाना जाकर राजनीती करेंगे। इस दौरान वो jays झंडे गमछा का उपयोग कतई नहीं करेंगे न ऐसा प्रचार करेंगे।(सहमति बाकी)
इस सबंध मे निर्णय अनुशासन कमिटी द्वारा लिए जायेंगे औऱ उस चुनावी केंडिडेट की क्या मदद करना या न करना सबंधी निर्णय अप्रत्यक्ष लेकर समाज के सामने सार्वजनिक प्रस्तुत करवाएंगे।
5. Jays पदाधिकारी निष्पक्ष गैर राजनीतीक ही होंगे जो सर्व जाती, धर्म का सविंधान की प्रस्तावना अनुसार सम्मान करेंगे।
6. यदि कोई jays नाम से या सबंध रखने वाला व्यक्ति किसी भी जाती धर्म पर टिका टिप्पणी करता है तो वो उसके नीजी विचार ही माने जायेंगे jays का इससे कोई सबंध नहीं माना जायेगा।
*गुटों में बंटी 'जयस' हुई एक:* खलघाट में हुई बैठक, कई साल बाद एक साथ सभी गुट, अलावा बोले-आदिवासी एकजुट हैं 
https://dainik-b.in/vsScKchQozb 

7. Jays अप्रत्यक्ष पैनल द्वारा ही jays कार्यक्रम, आंदोलन या सभी प्रकार के आयोजन की अंतिम मंजूरी देगी जिसके बाद उस क्षेत्र की कमिटी अथवा पदाधिकारी वहां आयोजन कर पाएंगे।
8. Jays के नाम पर होने वाले प्रत्येक आयोजन सर्वप्रथम उस क्षेत्र के जमीनी कार्यकर्त्ता की सहमति से तय कर पदाधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय, संभागीय अथवा प्रदेश स्तर के जिम्मेदार को अवगत करवाना होगा,उस कार्यक्रम मे कौन वक्ता होंगे, कैसे बैनर, फ्लैक्स होंगे, क्या सीमाएं होंगी ये सब अनुशासन कमिटी ही तय करेगी, जो पदाधिकारियों के माध्यम से उस कार्यक्रम की मुख्य बैठक मे पहुंचकर बताएंगे।
9. Jays एक स्वतंत्र विचारधारा है इस बात का ध्यान रखते हुए jays कार्यकर्त्ता हमेशा निष्पक्ष बने रहेंगे कभी किसी राजनीतीक दल के कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनेगे न उनके मंच पर दिखेंगे न उनका फोटो,फ्लैक्स राजनीतीक दलों के आयोजन मे होना चाहिए।(सहमति बाकी)
यदि ऐसा कोई पाया जाता है तो सबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारियों द्वारा अनुशासन कमिटी को तत्काल मय सबूत बताया जायेगा उसके पश्चात उसे स्वतः ही संगठन से बाहर माना जाएगा।
10.jays मे चुनाव लड़ने वाले या लड़ चुके कार्यकर्त्ता है न की पदाधिकारी उनके नेतृत्व मे कोई भी आयोजन सफल नहीं हो सकता इसलिए चुनाव लड़ने या लड़ चुके कार्यकर्त्ता स्वतः ही jays से मुक्त माने जायेंगे हा वो कार्यक्रम का हिस्सा है आम कार्यकर्त्ता के रुपमे सदैव जुड़कर काम करेंगे लेकिन उनको सामाजिक सार्वजनिक नेतृत्व या मंच से परहेज करना होगा।(कुछ सहमत कुछ असहमत )
11. Jays मे अनुशासन स्थापित करने के लिए सबसे पहले निचले स्तर पर काम करने वाला पहला कार्यकर्त्ता चाहे वो मीडिया प्रभारी हो या तहसील ब्लॉक या जिला अध्यक्ष, सचिव  इस बात का विशेष ध्यान रखेंगे की सार्वजनिक व्हाट्सअप ग्रुप मे कौन जुड़ा है उसकी जानकारी अपडेट कर फ़िल्टर कर सिर्फ कोर कार्यकर्ता को रखने की कोशिश करेंगे औऱ ग्रुप मे हो रही अवानच्छीत, भड़काऊ, आरोप प्रत्यारोप वाली गतिविधियों पोस्ट पर तत्काल अपना रुख साफ कर अंतिम चेतावनी देंगे।
12.कोई भी jays कार्यकर्त्ता अथवा पदाधिकारी गुटबाजी को बढ़ावा नहीं देंगे निष्पक्ष एकरूपता के साथ मिलकर काम करेंगे।
13. प्रत्येक ब्लॉक तहसील अथवा जिला स्तर पर एक एक कोर कमिटी ग्रुप बनाया जायेगा जिसमे सिर्फ मुख्य जमीनी कार्यकर्त्ता पदाधिकारी रहेंगे जो उस क्षेत्र मे होने वाले या बाहर के आयोजन धरना, प्रदर्शन अन्य सबंधी सूचनाओं को सर्वप्रथम शेयर कर चर्चा करेंगे उसके बाद ही अन्य ग्रुप मे frwd करेंगे।
14. Jays कार्यकर्त्ता अथवा पदाधिकारी कोई भी भड़काऊ video,टिका टिप्पणी सबंधी पोस्ट को बिना पुख्ता जानकारी के शेयर नहीं करेंगे।
15.jays के नीचले ग्राम, ब्लॉक, तहसील, जिला स्तर से प्रदेश राष्ट्रीय स्तर तक jays के जिम्मेदार प्रवक्ता या मीडिया प्रभारी ही जिम्मेदारी पूर्वक मीडिया या अन्य समक्ष सार्वजनिक बात रखेंगे 
16.बैठक में यह तय हुआ कि आदिवासियों के मामलों के फैसले गैर आदिवासी नहीं करेंगे।
उक्त बिन्दुओ पर चर्चा उपरांत सबने अपने अपने नीजी विचार jays को बचाने से लेकर समाज को आर्थिक रूपसे मजबूत करने, शेक्षणिक स्तर पर काम करने, समाज के अस्तित्व को लेकर एकजुट होकर संस्कृति सभ्यता परम्परा, जल जंगल जमीन को बचाने हेतु संकल्प लिया।https://www.youtube.com/@TheAdivasiyatRevolutionयुवाओं को अनुशासन मे बाँधने के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया गया,राजनीतीक दृष्टि से भी समाज को मजबूत बनाकर कार्य करने को लेकर आगामी समय मे रणनीतिक बैठक होगी औऱ समाज मे सिलेक्शन प्रणाली के माध्यम से समाज के चेहरे को आगे भेजा जायेगा ईस पर चर्चा।बैठक मे जिस तरह से 8-10 साल से बिछड़े भाई मिलकर थोड़ी गहमा गहमी मे बात कर रहे थे ,खुशी के आंसु भी आ रहे थे।
बैठक हॉल का नजारा बेहद भावनात्मक रूप से बना था।आगामी कार्यक्रम के लिए जल्दी ही सर्वसहमति से आयोजन कमिटी गठित की जाएगी, औऱ 16 मई जयस स्थापना दिवस तय स्थान पर एक मंच पर मनाया जायेगा। सभी जयस युवाओं ने सोशल मिडिया मे सकारात्मक माहौल निर्मित कर जो सहयोग किया है वो काबिले तारीफ है सबके सहयोग से ये बैठक सफल औऱ ऐतिहासिक रही। जयस एकजुट था और जीवनपर्यंत एकजुट रहेगा।
https://youtu.be/lzOyxXaz0iY
बैठक के बाद डॉ हीरालाल अलावा तथा विक्रम अछालिया जी खुशी की मुद्रा में
बैठक संपन्न होने के बाद जैसे ही सभी संस्थापक सदस्य हाल से बाहर निकले, पूरी होटल जयस एकता जिंदाबाद, आमु आंखा एक छै नारों, जय जोहार का नारा है भारत देश हमारा है, टंट्या भील जिंदाबाद बिरसा मुंडा जिंदाबाद जैसे क्रांतिकारी नारों से गूंज उठी। 


संकलन: राकेश देवडे बिरसावादी

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