वैज्ञानिक अधिकारी' बनकर गांव के बेटे ने किया क्षेत्र का नाम रोशन ,परिवार तथा समाजजनों ने हर्ष जताया
"आज नहीं तो कल होगा हर मुश्किल का हल होगा विश्वास अगर हो अपने श्रम पर तो मरुस्थल में भी जल होगा।" इस कथन को सच साबित कर दिखाया है आदिवासी समाज के डॉ. मोहन सिंह पिता कुंवर सिंह डावर ने ।डही तहसील के ग्राम रेबड़दा के मोहन ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 'वैज्ञानिक अधिकारी' की परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। वही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे आदिवासी समाज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने। मोहन की प्रारंभिक पढ़ाई रेबड़दा में हुई है। 12 वी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुक्षी जिला धार से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने के पश्चात शिक्षा के सफर को आगे बढ़ाते हुए शासकीय आदर्श (स्वशासी) होलकर विज्ञान महाविद्यालय टंट्या भील चौरहा ए.बी. रोड़ इंदौर से बीएससी तथा रसायन शास्त्र में एमएससी किया।रसायन शास्त्र से पी.एच.डी. भी पूर्ण की।इस उपलब्धि से पूरे परिवार समाज दोस्त व शिक्षकों में हर्ष है। सफलता का श्रेय वह अपने माता-पिता के साथ साथ उनके गुरु डॉक्टर अशोक कुमार बघेल जिन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त कर , उच्च पद हासिल करने हेतु प्रारंभिक जीवन से ही प्रेरित किया।साथ ही फूफाजी भलसिंह चौहान बुआ पुनीबाई ,बड़ी बुआ भुनिबाई ,बड़े पापा रूपसिंह बड़ी मम्मी केनाबाई ने पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहायता के साथ हमेशा उच्च पद हासिल करने हेतु धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखने के लिए प्रेरित किया ।साथ ही मेरे पीएचडी गाइड डॉक्टर विक्रांत जैन ने रिसर्च प्रोजेक्ट में एवम् रसायन शास्त्र को जानने और सीखने में पुर्ण समर्पित भाव मार्गदर्शन प्रदान किया को देते हैं। प्रतिभाशाली मोहन का चयन पूर्व में पटवारी ,संविदा शिक्षक वर्ग 2, में हो चुका है।
मोहन वर्तमान में प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर शासकीय महाविद्यालय सरदारपुर जिला धार में पदस्थ है। मोहन मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की दो बार मुख्य परीक्षा भी लिख चुके है। उनका शुरू से अधिकारी बनने का सपना था और वह साकार हो गया।मोहन का कहना है मंजिल अभी बाकी है मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना है।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बारे में उन्होंने कहा "असफलताए इंसान को तोड़ देती है,जीवन की राहों को नया मोड़ देती है,जो करते हैं, जी-जान से प्रयास पूरा,असफलताएं उनका पीछा छोड़ देती है।" साथ ही कहा - पूरी लगन और मेहनत के साथ लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी जी जान लगा दे,मेहनत इतनी खामोशी से करें कि आपकी सफलता शोर मचा दे।मोहन की इस उपलब्धि पर पिता श्री कुंवर सिंह डावर माता श्रीमती शाहबाई डावर और पत्नी श्रीमती मधुबाला डावर पुत्र नैवेद्य बड़े भाई रमेश जी डावर अंतर डावर बीमा डावर एवं ससुर जी मदन सिंह रावत देवीसिंह निंगवाल,करम बघेल, सुरेश मुझाल्दा, राकेश देवडे़, मांगीलाल निंगवाल, राहुल डावर, रविन्द्र देवडे़, इत्यादि के साथ साथ नेहरू हॉस्टल इंदौर के छात्र तथा आदिवासी समाजजनों ने हर्ष व्यक्त किया। ✍️राकेश देवडे़
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मोहन वर्तमान में प्रयोगशाला तकनीशियन के पद पर शासकीय महाविद्यालय सरदारपुर जिला धार में पदस्थ है। मोहन मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की दो बार मुख्य परीक्षा भी लिख चुके है। उनका शुरू से अधिकारी बनने का सपना था और वह साकार हो गया।मोहन का कहना है मंजिल अभी बाकी है मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर बनने का सपना है।प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बारे में उन्होंने कहा "असफलताए इंसान को तोड़ देती है,जीवन की राहों को नया मोड़ देती है,जो करते हैं, जी-जान से प्रयास पूरा,असफलताएं उनका पीछा छोड़ देती है।" साथ ही कहा - पूरी लगन और मेहनत के साथ लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी जी जान लगा दे,मेहनत इतनी खामोशी से करें कि आपकी सफलता शोर मचा दे।मोहन की इस उपलब्धि पर पिता श्री कुंवर सिंह डावर माता श्रीमती शाहबाई डावर और पत्नी श्रीमती मधुबाला डावर पुत्र नैवेद्य बड़े भाई रमेश जी डावर अंतर डावर बीमा डावर एवं ससुर जी मदन सिंह रावत देवीसिंह निंगवाल,करम बघेल, सुरेश मुझाल्दा, राकेश देवडे़, मांगीलाल निंगवाल, राहुल डावर, रविन्द्र देवडे़, इत्यादि के साथ साथ नेहरू हॉस्टल इंदौर के छात्र तथा आदिवासी समाजजनों ने हर्ष व्यक्त किया। ✍️राकेश देवडे़
9617638602
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